साइबर क्राइम के कानून क्या है (Cyber Law IT Act 2000 In Hindi)

साइबर क्राइम को रोकने के लिए या ऑनलाइन गुना करने वाले को सजा देने के लिए सरकार द्वारा साइबर कानून बनाए गए है जिसे Cyber law information technology act 2000 कहते है। पिछली पोस्ट में आपने जाना की साइबर क्राइम क्या है। अब आज की पोस्ट में साइबर क्राइम के कानून बतायेगे और इसके बाद आने वाली पोस्ट में साइबर सिक्योरिटी की कुछ टिप्स शेयर करेंगे जिससे साइबर क्राइम और साइबर लॉ के बारे में आपको पूरी जानकारी मिल जाए।

साइबर क्राइम के कानून क्या है (Cyber Law IT Act 2000 In Hindi)

Cyber Law In Hindi

तो चलिए शुरू करते है साइबर क्राइम में किस तरह के अपराध होते है और अपराधी को साइबर कानून के अनुसार किस तरह की सजा मिलती है।

(1) हैकिंग

  • ऑनलाइन इंटरनेट पर किसी भी तरह के हैकिंग कार्य को अंजाम देकर अगर आप किसी को नुक्सान पहुंचाते है तो IT Act 2008 की धारा 43 (A), धारा 66 और आईपीसी की धारा 379 और 406 के तहत अनुसार साइबर क्राइम के अपराधी को 3 साल की जेल और 5 लाख का जुर्माना होता है। ज्यादातर लोग इसी तरह का हैकिंग वाला साइबर क्राइम करते है।

(2) पोर्नोग्राफी

  • किसी की भी गैरवृति पोर्नोग्राफी बना कर उसे इंटरनेट के वीडियो या किसी भी माद्यम से परेशान करना या उसे अश्लील से ब्लैकमेल करना साइबर क्राइम है। इसे आईटी कानून 2008 की धारा 67 (A) और आईपीएस धारा 292, 293, 294, 500, 506, 509 के अनुसार जुर्म की गंभीरता के लिहाज से पहली गलती पर पांच साल तक की जेल या दस लाख रुपये तक जुर्माना। दूसरी बार गलती करने पर जेल की सजा सात साल हो जाती है।
  • और ऐसे ही बच्चो के साथ भी पोर्नोग्राफी कंटेंट नहीं बना सकते अगर ऐसा कोई करता है तो उसे आईटी कानून 2009 की धारा 67 (बी), आईपीसी की धाराएं 292, 293, 294, 500, 506, 509 के अनुसार पांच साल की जेल और दस लाख का जुर्माना होता है।

(3) इन्फॉर्मेशन

  • किसी व्यक्ति की पर्सनल इन्फॉर्मेशन या डेटा चुरा के उसे परेशान करना और किसी कंपनी के डेटा इनफार्मेशन चुरा के उसका गलत इस्तेमाल करना या किसी को नुक्सान पहुंचना साइबर क्राइम है। जिसके लिए आईटी कानून 2008 की धारा 43 (बी), धारा 66 (ई), 67 (सी) और आईपीसी की धारा 379, 405, 420 कॉपीराइट कानून के अनुसार 3 साल की सजा या 2 लाख तक का जुर्माना होता है।

(4) फ्रॉड (फर्जी)

  • आज इंटरनेट पर लोगो के साथ कही तरह के फ्रॉड होते हुए देखने को मिल रहे है जिसमे सबसे बड़ा फ्रॉड बैंक इनफार्मेशन से पैसा चोरी करना है। इस तरह किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड के लिए आईटी कानून 2000 की धारा 77 बी आईटी कानून 2008 की धारा 66 डी, आईपीसी की धारा 417, 419, 420, 465 अनुसार तीन साल तक की जेल या जुर्माना होता है।

(5) वायरस

  • वायरस एक ऐसा जरिया है जिससे किसी की भी सिस्टम में चुपके से एंटर किया जा सकता है और उसकी सिस्टम को नुक्सान पहुंचाया जा सकता है। वायरस के बारे में पूरी जानकारी यहाँ पढ़ सकते है। आईटी एक्ट 2008 की धारा 43 (सी), धारा 66 आईपीसी की धारा 268 के अनुसार वायरस फैलाने वाले को तीन साल तक की जेल या या 5 लाख का जुरमाना होता है। साइबर-वॉर और साइबर आतंकवाद से जुड़े मामलों में उम्र कैद तक की सजा भी हो सकती है।

(6) परेशान

  • आज सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों, ई-मेल, चैट वगैरह के जरिए बच्चों या महिलाओं को तंग करने के मामले सामने आते रहते है। इस तरह किसी को भी अपनी गैरवृति से परेशान करना या नुक्सान करना साइबर क्राइम अपराध है। इसके लिए आईटी कानून 2009 की धारा 66 (ए) अनुसार तीन साल की जेल और 1 से 3 लाख तक का अपराध के हिसाब से जुर्माना होता है।

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दोस्तों जो जरुरी साइबर कानून है वो सारे यहाँ बता दिए है अगर आप और भी ज्यादा डिटेल में जानना चाहते है तो विकिपीडिया पर पढ़ सकते है। आशा करता हु की यह जानकारी आपके लिए हेल्पफुल रही होगी। मिलते है अपनी नेक्स्ट पोस्ट में तब तक टेक केयर।

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